Nirbhaya`s Mother Said Passed A Year Get Punishment But The Culprits Were Not Found Hanged - निर्भया की मां: सजा को बीत गया एक साल लेकिन दोषियों को नहीं मिली फांसी..

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मुझे नहीं पता कि मेरी बेटी के दोषियों को सजा कब मिलेगी, कभी-कभी लगता है कि मेरी बेटी को कभी न्याय मिलेगा या नहीं। मुझे बहुत तकलीफ होती है, जब बार-बार निर्भया के जख्मों को कुरेदा जाता है और मैं नि:शब्द होकर बस सुन लेती हूं। निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद एक साल बीत गया, लेकिन दोषियों को सजा नहीं दी गई। यह बात निर्भया की मां ने उस वक्त कही, जब वह अपनी पीड़ा को लेकर एक बार फिर मीडिया के समक्ष आईं।

‘कभी-कभी लगता है निर्भया को न्याय मिलेगा या नहीं’

दोषियों को फांसी न होने पर माता-पिता की नम हुईं आंखें

निर्भया की याद में शुक्रवार को दिल्ली प्रेस क्लब में उसके माता-पिता और निर्भया ज्योति ट्रस्ट द्वारा प्रेसवार्ता बुलाई गई थी। इस मौके पर निर्भया की मां ने नम आंखों से कहा कि छह साल बीत गए, लेकिन उनकी बेटी को अभी न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने मांग की कि निर्भया के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में हुई निर्भया की सुनवाई का फैसला सुरक्षित रख लिया गया है, उम्मीद है शायद इस बार उनकी बेटी के दोषियों को फांसी दी जा सके। निर्भया के पिता ने भी अपनी बेटी के दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग की।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ड्राफ्ट तैयार

इस मौके पर निर्भया ज्योति ट्रस्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट की मांगों के बारे में बताया। निर्भया की मां ने कहा कि महिला सुरक्षा गारंटी अधिकार अधिनियम तैयार किया जाए। इस कानून को हर वर्ग की महिलाओं पर पूरे देश में लागू किया जाए। निर्भया वन स्टॉप सेंटर बनाए जाएं, जोकि सरकार द्वारा वादा किए जाने के बाद भी नहीं बनाए गए। उन्होंने कहा कि इस कानून को लागू करके समस्त महिला वर्ग को शारीरिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और धार्मिक सुरक्षा प्रदान की जाए। बालिकाओं को बढ़ावा देने के लिए बेटी के जन्म पर उसके परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाए। घरेलू हिंसा निवारण अधिनियम में भी संशोधन किया जाए।


निर्भया गैंगरेप व हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तीन दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया। दोषियों की ओर से कहा गया कि यह मामला फांसी की सजा का बनता ही नहीं है। इस बहुचर्चित मामले में विनय, पवन और मुकेश ने पुनर्विचार याचिकाएं दायर की हैं लेकिन अक्षय ने अब तक पुनर्विचार याचिका नहीं दायर की है।

बचाव पक्ष की दलील, फांसी का बनता ही नहीं है मामला

दोषी विनय और पवन की ओर से पेश वकील ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष कहा कि दोषी गरीब पृष्ठभूमि से हैं। वे आदतन अपराधी नहीं हैं। उन्हें सुधरने का मौका दिया जाना चाहिए। 

वहीं दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा कि दोषियों की इन दलीलों को पहले ही ठुकराया जा चुका है। बहरहाल पीठ ने इस दोषियों की पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया। पीठ ने कहा कि अगर कोई पक्ष लिखित दलीलें पेश करना चाहता है तो वह आठ मई तक पेश कर सकता है। मालूम हो कि निचली अदालत ने दोषियों को फांसी की सजा सुनाई थी। बाद में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने सजा को बरकरार रखा था।  



मुझे नहीं पता कि मेरी बेटी के दोषियों को सजा कब मिलेगी, कभी-कभी लगता है कि मेरी बेटी को कभी न्याय मिलेगा या नहीं। मुझे बहुत तकलीफ होती है, जब बार-बार निर्भया के जख्मों को कुरेदा जाता है और मैं नि:शब्द होकर बस सुन लेती हूं। निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद एक साल बीत गया, लेकिन दोषियों को सजा नहीं दी गई। यह बात निर्भया की मां ने उस वक्त कही, जब वह अपनी पीड़ा को लेकर एक बार फिर मीडिया के समक्ष आईं।


‘कभी-कभी लगता है निर्भया को न्याय मिलेगा या नहीं’

दोषियों को फांसी न होने पर माता-पिता की नम हुईं आंखें

निर्भया की याद में शुक्रवार को दिल्ली प्रेस क्लब में उसके माता-पिता और निर्भया ज्योति ट्रस्ट द्वारा प्रेसवार्ता बुलाई गई थी। इस मौके पर निर्भया की मां ने नम आंखों से कहा कि छह साल बीत गए, लेकिन उनकी बेटी को अभी न्याय नहीं मिल सका है। उन्होंने मांग की कि निर्भया के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी दी जाए। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय में हुई निर्भया की सुनवाई का फैसला सुरक्षित रख लिया गया है, उम्मीद है शायद इस बार उनकी बेटी के दोषियों को फांसी दी जा सके। निर्भया के पिता ने भी अपनी बेटी के दोषियों को जल्द फांसी देने की मांग की।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ड्राफ्ट तैयार

इस मौके पर निर्भया ज्योति ट्रस्ट ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार किए गए ड्राफ्ट की मांगों के बारे में बताया। निर्भया की मां ने कहा कि महिला सुरक्षा गारंटी अधिकार अधिनियम तैयार किया जाए। इस कानून को हर वर्ग की महिलाओं पर पूरे देश में लागू किया जाए। निर्भया वन स्टॉप सेंटर बनाए जाएं, जोकि सरकार द्वारा वादा किए जाने के बाद भी नहीं बनाए गए। उन्होंने कहा कि इस कानून को लागू करके समस्त महिला वर्ग को शारीरिक, शैक्षणिक, राजनीतिक और धार्मिक सुरक्षा प्रदान की जाए। बालिकाओं को बढ़ावा देने के लिए बेटी के जन्म पर उसके परिवार को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाए। घरेलू हिंसा निवारण अधिनियम में भी संशोधन किया जाए।






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निर्भया मामला: दोषियों की पुनर्विचार याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित







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