Marathas Warned Government On Kopardi Rape Case In Maharashtra - महाराष्ट्र में अब मराठाओं ने दी सरकार को चेतावनी, कहा- टूट रहा है सब्र का बांध

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Updated Thu, 03 May 2018 09:21 PM IST



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महाराष्ट्र में मराठा एक बार फिर सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। मराठा समाज के लोगों ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मराठा समाज के प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि अगर 18 मई तक उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो फिर मराठा मोर्चा निकलेगा। लेकिन, अब मूक मोर्चा नहीं होगा। इशारा साफ है कि मोर्चा हिंसात्मक भी हो सकता है।

'कोपर्डी में बलात्कारी को फांसी की सजा पर नहीं हो रहा अमल'

बृहस्पतिवार को मराठा मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में मराठा मोर्चा के विनोद पाटिल, संजीव भोर पाटिल, राजेंद्र कोंढरे और दिलीप पाटिल आदि शामिल थे। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मांग की कि कोपर्डी में हुए बलात्कार के दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है लेकिन, इस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। 

सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष में कोई लाभ नहीं दिखाई दे रहा है। मराठा मोर्चा के विनोद पाटिल ने चेतावनी दी कि अब तक समाज की ओर से मूक मोर्चा निकाला गया है। लेकिन, अगर 15 दिन में निर्णय नहीं हुआ तो मराठा मोर्चा उग्र भी हो सकता है क्योंकि अब समाज के सब्र का बांध टूट रहा है।



महाराष्ट्र में मराठा एक बार फिर सड़क पर उतरने की तैयारी में हैं। मराठा समाज के लोगों ने सरकार को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। मराठा समाज के प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी है कि अगर 18 मई तक उनकी मांगे पूरी नहीं हुई तो फिर मराठा मोर्चा निकलेगा। लेकिन, अब मूक मोर्चा नहीं होगा। इशारा साफ है कि मोर्चा हिंसात्मक भी हो सकता है।


'कोपर्डी में बलात्कारी को फांसी की सजा पर नहीं हो रहा अमल'

बृहस्पतिवार को मराठा मोर्चा का प्रतिनिधिमंडल राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रकांत पाटिल से मिला। इस प्रतिनिधिमंडल में मराठा मोर्चा के विनोद पाटिल, संजीव भोर पाटिल, राजेंद्र कोंढरे और दिलीप पाटिल आदि शामिल थे। मोर्चा के प्रतिनिधियों ने मांग की कि कोपर्डी में हुए बलात्कार के दोषी को फांसी की सजा सुनाई गई है लेकिन, इस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। 

सरकार की योजनाओं का प्रत्यक्ष में कोई लाभ नहीं दिखाई दे रहा है। मराठा मोर्चा के विनोद पाटिल ने चेतावनी दी कि अब तक समाज की ओर से मूक मोर्चा निकाला गया है। लेकिन, अगर 15 दिन में निर्णय नहीं हुआ तो मराठा मोर्चा उग्र भी हो सकता है क्योंकि अब समाज के सब्र का बांध टूट रहा है।





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