Indian prisoner Jetindaera Arjanwara return to india from pakistan prison

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Publish Date:Fri, 04 May 2018 08:14 AM (IST)



अमृतसर (एएनआइ)। आखिरकार पाकिस्तान की जेल में पिछले 5 साल से बंद भारतीय नागरिक जितेंद्र अर्जुनवार रिहा हो गया। जितेंद्र के स्वदेश लौटने पर न सिर्फ उनका परिवार बल्कि पूरे देश में खुशी का माहौल है। पाकिस्तान की जेल से रिहा होने के बाद मध्यप्रदेश के निवासी जितेंद्र ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि वे अपने वतन लौटकर बहुत खुशी महसूस कर रहे हैं। जितेंद्र ने बताया कि वे टीबी और कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा पाकिस्तान की जेल में इलाज किया गया और अब मैं वापस लौटकर काफी खुश हूं।'


अटारी नायब तहसीलदार करणपाल सिंह ने कहा कि उन्हें अर्जुनवार को आइसीपी अटासी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। उन्होंने कहा, 'मुझे जितेंद्र अर्जुनवार को आइसीपी अटारी से अस्पताल ले जाने की जिम्मेदारी दी गई। उन्हें चिकित्सा अधिकारियों के साथ एम्बुलेंस के माध्यम से लाया गया।' पाकिस्तानी विदेश कार्यालय ने बुधवार को घोषणा की कि वह खराब स्वास्थ्य के कारण भारतीय कैदी जितेंद्र अर्जुनवार को रिहा कर रहे हैं। बता दें कि पहले जितेंद्र को 4 मई को रिहा करने की जानकारी दी गई थी, लेकिन उन्हें 1 दिन पहले ही रिहा कर दिया गया।



स्वास्थ्य परीक्षण के बाद सिवनी होंगे रवाना


रिहाई के बाद जितेंद्र को बाघा बॉर्डर पर बीएसएफ के हवाले कर दिया गया। जिसके बाद वहां जितेंद्र का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया गया। बता दें कि जितेंद्र को अभी 2 से 4 दिन स्वास्थ्य परीक्षण के लिए बाघा बॉर्डर पर ही रखा जाएगा। पूरी तरह से स्वास्थ्य परीक्षण के बाद ही उसे सिवनी अपने घर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद बाघा बॉर्डर से जितेंद्र को उसके भाई भरत के साथ पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ सिवनी के लिए रवाना कर दिया जाएगा।


5 साल बाद स्वदेश लौटे जितेंद्र



करीब पांच सालों से पाकिस्तानी जेल में बंद मध्य प्रदेश का 20 वर्षीय जीतेंद्र अर्जनवार भारत लौट आया है। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के बरघाट गांव का निवासी जीतेंद्र 12 अगस्त, 2013 को घर से झगड़कर राजस्थान की ओर निकल गया था। वहां अजमेर से सीमा पारकर पाकिस्तान जा पहुंचा। पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे पकड़कर सिंध की हैदराबाद सेंट्रल जेल में बंद कर दिया। करीब साल भर बाद जून 2014 में उसकी सजा पूरी हो गई। लेकिन उसकी रिहाई तब तक संभव नहीं थी, जब तक कि भारत उसे अपने नागरिक रूप में स्वीकार न कर ले। कुछ दिन पहले ही यह प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद जीतेंद्र को कराची जेल से रिहा कर दिया गया और आज वे स्वदेश लौट आए हैं।


By Nancy Bajpai




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