Australia begins same-sex marriage postal survey

[ad_1]




Publish Date:Tue, 12 Sep 2017 01:10 PM (IST)



केनबरा, आइएएनएस।ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को समलैंगिक विवाह के वैधीकरण पर एक गैर बाध्यकारी डाक सर्वेक्षण शुरू किया गया। इसके लिए देशभर में 16 मिलियन मतपत्र बांटे गए हैं। सामाजिक शोध संगठन फेयरफैक्स/आइपीएसओएस द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, 70 प्रतिशत नागरिकों ने कहा कि वे वैधीकरण के लिए मतदान करेंगे।


ऑस्ट्रेलियाई सांख्यिकी ब्यूरो ने घरों को वोटिंग फॉर्म बांटना शुरू किया, यह प्रक्रिया 25 सितंबर तक समाप्त होने वाली है। इस महीने की शुरुआत में, उच्च न्यायालय ने डाक सर्वेक्षण को रोकने की एक अपील खारिज कर दी, जिसमें इस ओपिनियन पोल पर होने वाले खर्च के बारे में ध्‍यान आकर्षित कराया गया था। इस फॉर्म में सवाल किया गया है कि क्‍या समलैंगिक विवाह को मान्‍य बनाने के लिए कानून में बदलाव कर देना चाहिए? जवाब हां या ना में देना है।


बताया जा रहा है कि इस फॉर्म के सवालों का जवाब देकर 7 नवंबर तक वापस करना है। 15 नवंबर को इस सर्वेक्षण के परिणाम सामने आ जाएंगे। अगर सवाल का जवाब ज्‍यादातर लोग 'हां' में देते हैं, जिसकी संभावना काफी ज्‍यादा नजर आ रही है, तो सरकार इस दिशा में कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। अगर ज्‍यादातर लोग ना में जवाब देते हैं, तो समलैंगिक विवाह के वैधीकरण सरकार कोई काम नहीं करेगी।


हालांकि सर्वेक्षण से पहले संसद ने ऊपरी सदन सीनेट ने पिछले साल एक करोड 50 लाख लोगों की संलिप्तता वाली राष्ट्रीय जनमत संग्रह योजना को अस्वीकार कर दिया था। इसके बाद सरकार ने अगस्त में कहा था कि स्वैच्छिक डाक मतदान किया जाएगा। समलैंगिक विवाह के समर्थकों ने दोनों विकल्पों की कडी निंदा की थी। उनका तर्क था कि राष्ट्रीय स्तर पर मतदान कराना बहुत खर्चीला है और इसके कारण लोग समलैंगिकों एवं उनके परिवार को लेकर घृणा पैदा करने वाली टिप्पिणयां करेंगे।


यह भी पढ़ें: एयरपोर्ट से शुरू हुई थी मोहब्बत, अफगान की नीलोफर ने पंजाब के जाहिद को किया कबूल



By Tilak Raj




[ad_2]

Source link

Comments

Popular posts from this blog

Toxic coal ash ponds are at serious risk of flooding – ThinkProgress

Motion Picture Academy expels Bill Cosby as post-conviction fallout continues – ThinkProgress

Bailey impresses but Surrey's resilience wins the day | Cricket